बाजार
गरीब घरों में अक्सर बेटी की शादी जल्दी कर दी जाती है। बेटियों को आज भी पराया धन माना जाता है और उन्हें घर से विदा करने पर माँ बाप आज भी शांति महसूस करते हैं। बाज़ार कहानी में सरजू नामक एक युवक शबनम नामक एक युवती से बहुत प्यार करते हैं। वे चाहते हैं की शबनम पढ़ लिखकर अपने पैरों पर खड़ी हों। किन्तु शबनम के पिताजी उनका रिश्ता एक अमीर व्यापारी के साथ तय कर देते हैं। क्या सरजू, शबनम की शादी रोक पाएँगे?
