मैमल्स
अवार्ड-विजेता लेखक, जेज़ बटरवर्थ के इस भयावह हास्य ड्रामा में, आधुनिक विवाह और वफ़ादारी की जटिलता के खुलासे के ज़रिए सच और रहस्य ज़ाहिर होते हैं। आठ अरब लोगों की दुनिया में जब हमें अपना “ख़ास साथी” मिलता है तो क्या होता है? क्या हमने जो वादे किए उनके प्रति सच्चे बने रहने की कोशिश करते हैं, जबकि, आख़िरकार हम सभी बस मैमल्स ही तो हैं?
